Saturday, June 8, 2013

परदेसी हसीनाओं की चमक-धमक ....


-सौम्या अपराजिता  

हिंदी फ़िल्मी दुनिया में परदेसी हसीनाएं अपनी खूबसूरती और आकर्षण से सबको रिझा रही हैं। उनका गोरा रंग और पश्चिमी ढंग दर्शकों को खूब भा रहा है। दर्शकों की पसंद का ख्याल रखते हुए निर्माता-निर्देशक भी परदेस से आई अभिनेत्रियों को अपनी फिल्म में पहली प्राथमिकता दे रहे हैं। तभी तो,'यमला पगला दीवाना 2' में सनी देओल की प्रेमिका की भूमिका निभाने के लिए अभिनेत्री की तलाश अंतर्राष्ट्रीय मॉडल क्रिष्टिना अखीवा पर जाकर ख़त्म हुई। कई देसी हसीनाओं का ऑडिशन लेने के बाद 'यमला पगला दीवाना 2' की टीम ने क्रिष्टिना को रीत की भूमिका के लिए चुना। क्रिष्टिना बताती हैं, 'मुझसे पहले कई लड़कियों का ऑडिशन रीत के रोल के लिए किया गया था। मैं खुशनसीब रही कि  लगभग सौ लड़कियों को रिजेक्ट करने के बाद मुझे चुना गया।' 

ऐसा नहीं है कि भारत में खूबसूरत चेहरे और अभिनय प्रतिभा से लबरेज हसीनाओं की कमी है। हर गली-नुक्कड़ पर बेईन्तहा खूबसूरत लड़कियां मिल जाती हैं,पर निर्माता-निर्देशक अपनी फिल्म को स्पेशल फील देने के लिए विदेशी हसीनाओं को अपनी फिल्म में कास्ट करना ज्यादा पसंद करते हैं। ऐसा करने से विदेशी युवतियों को भारतीय परिधान में देखने की दर्शकों की छिपी इच्छा पूरी होती है। दर्शक उनकी टूटी-फूटी हिंदी भी झेल लेते हैं क्योंकि उन पर विदेशी हसीनाओं का ग्लैमर सर चढ़ कर बोलता है। विशेषकर पुरुष दर्शक परदेसी हसीनाओं के प्रति ज्यादा आकर्षित होते हैं। तभी तो जब भी बात सबसे खूबसूरत अभिनेत्री की होती है तो वे सबसे पहला नाम कटरीना कैफ का लेते हैं। पुरुष दर्शकों के बीच कटरीना कैफ की लोकप्रियता मौजूदा दौर की किसी दूसरी अभिनेत्री से अधिक है। जब लन्दन में पली-बढ़ी कटरीना ने हिंदी फिल्मों में कदम रखा था,तो उनको लेकर ज्यादा उत्सुकता नहीं थी। ...पर धीरे-धीरे कटरीना की सफलता और लोकप्रियता ने कुछ ऐसा जादू चलाया कि वे शीर्ष अभिनेत्री की सूची में शुमार हो गयीं। कटरीना ने विदेशी धरती पर पली-बढ़ी अन्य  अभिनेत्रियों को हिंदी फिल्मों में अपनी किस्मत आजमाने के लिए प्रेरित किया। कटरीना कैफ के बाद तो जैसे हिंदी फिल्मों में परदेसी बालाओं की बयार ही चल पड़ी। 
कटरीना कैफ के बाद जो विदेशी हसीना  हिंदी फिल्मों में अपनी पहचान बनाने में कामयाम हुई है वह हैं जैकलिन फर्नांडीज। श्रीलंका की इस हसीना ने निर्माता-निर्देशकों को प्रभावित किया। परिणामस्वरूप जैकलिन को कई बड़ी फिल्मों में महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाने का अवसर मिला। जैकलीन फर्नांडीज को अपनी फिल्मों में कास्ट करने वाले निर्माता साजिद नाडियाडवाला कहते हैं,  ' विदेशी एक्ट्रेस फिल्मों में ग्लैमर और फ्रेशनेस लेकर आती हैं। जैकलिन ने मेरी फिल्मों को फ्रेश और ग्लैमरस बनाया है।'  रोचक है कि विदेशी हसीनाओं को उनके पश्चिमी परिवेश के बावजूद पारंपरिक भारतीय भूमिकाएं भी सौंप दी जाती हैं। लव आज कल में जिसेल मोंटारो को  पंजाबी युवती हीर की भूमिका निभाने की जिम्मेदारी इम्तियाज़ अली ने दी थी जिसे जिसेल ने बखूबी निभाया। अमेरिका में पली बढ़ी पाकिस्तानी मूल की अभिनेत्री नर्गिस फकरी को इम्तियाज़ ने 'रॉक स्टार' में कश्मीरी युवती की भूमिका में बखूबी ढाला। 'एक दीवाना था' में ब्रिटिश सुंदरी एमी जैक्सन भारतीय परिधान में दर्शकों को मोहने में कामयाब हुईं।कुछ ऐसी भी विदेशी हसीनाएं हैं जिन्हें हिंदी फिल्मों में अभिनय का अवसर उनके विदेसी मूल के होने के कारण मिला जिनमें बारबरा मूरी उल्लेखनीय हैं। 'काइट्स' में बारबरा मूरी की अदाएं दर्शकों को लुभाने में कामयाब हुईं,पर फिल्म बॉक्स ऑफिस पर कमाल नहीं कर पायी। 

विदेशी हसीनाओं को ज्यादातर हिंदी फिल्मों में ग्लैमर की गुडिया बनाकर पेश किया जाता है। यही वजह है कि इन दिनों सनी लियॉन निर्माताओं की पसंद बनी हुई हैं। सनी जैसी अभिनेत्रियाँ अंग प्रदर्शन में हिचकिचाती नहीं है जिस कारण उन्हें बोल्ड भूमिकाओं में ढलने में मुश्किल नहीं होती है। 'जिस्म 2' के बाद 'रागिनी एम् एम् एस 2' की नायिका बनने का मौका सनी को उनके विदेशी होने के साथ-साथ बोल्डनेस के लिए भी मिला है। गौरतलब है कि हिंदी फिल्मों के दर्शक विदेशी हसीनाओं के ग्लैमर पर कुछ ज्यादा ही मेहरबान रहते हैं। यही वजह है कि दर्शकों की पसंद का बहाना  बनाकर जहाँ भी अवसर मिलता है निर्माता-निर्देशक अपनी फिल्मों से विदेशी हसीनाओं को जोड़ने का  कोई-न-कोई विकल्प  ढूंढ ही लेते हैं फिर वह आइटम डांस में उनकी मौजूदगी ही क्यों न हो ! 'डिपार्टमेंट' में नथालिया कौर, 'एजेंट विनोद' में मरियम ज़कारिया और' नौटंकी साला' में एव्लिन शर्मा की मौजूदगी इसका प्रमाण है। ग्लैमर के नाम पर  हिंदी फिल्मों में परदेसी बालाओं के आगमन का सिलसिला जारी है। बहुप्रतीक्षित फिल्म 'धूम 3' में  कटरीना कैफ के साथ ग्लैमर का तड़का लगायेंगी ऑस्ट्रलियन अभिनेत्री टैब्रेट बेथल। दीपक तिजोरी की नयी फिल्म से एक और विदेशी अभिनेत्री नौरा हिंदी फिल्मों में कदम रख रही हैं।

परदेसी हसीनाओं की हिंदी फिल्मों में मौजूदगी सुखद है,पर निर्माता-निर्देशकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि अभिनय जगत में कुछ कर दिखाने की भारतीय लड़कियों की इच्छा कुंठित न हो जाएं। उन्हें भी अपनी प्रतिभा दिखाने के पर्याप्त अवसर दिए जाएं । विदेशी हसीनाओं के प्रति दर्शकों का मोह भंग करना इतना मुश्किल भी नहीं है ....

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